भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए: स्कोरकार्ड
भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए स्कोरकार्ड को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि केवल अंतिम रन देखकर मैच समझा जा सकता है। उपलब्ध 2026 के दूसरे मैच के स्कोर अंश में भारत ए ने 22वें ओवर के बाद 167/3 बनाए, जबकि प...
भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए: स्कोरकार्ड
भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए स्कोरकार्ड को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि केवल अंतिम रन देखकर मैच समझा जा सकता है। उपलब्ध 2026 के दूसरे मैच के स्कोर अंश में भारत ए ने 22वें ओवर के बाद 167/3 बनाए, जबकि प्रभसिमरन सिंह 84 रन पर आउट हुए। ईएसपीएनक्रिकइन्फो के विवरण के अनुसार, अफगानिस्तान ए के ऑफ-स्पिनर की मिडिल-स्टंप लाइन से बाहर जाती गेंद पर प्रभसिमरन के पैडल-स्कूप प्रयास के दौरान गेंद का हल्का किनारा लगा और विकेटकीपर ने कैच पूरा किया। यह घटना भारत ए की पारी का महत्वपूर्ण मोड़ थी, क्योंकि तीसरा विकेट 167 रन पर गिरा। हालांकि उपलब्ध संदर्भ में पूरी गेंद-दर-गेंद सूची, दोनों टीमों की अंतिम पारी और मैच-विजेता की पुष्टि नहीं है। इसलिए स्कोरकार्ड पढ़ते समय 167/3 और 84 रन को पुष्ट तथ्य मानें, लेकिन अधूरी जानकारी से नतीजा न गढ़ें। आधिकारिक स्रोत से अंतिम स्कोर अवश्य मिलाएँ।

भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए स्कोरकार्ड को समझने का सुरक्षित तरीका रन, विकेट, ओवर, बल्लेबाज का आउट होने का तरीका और गेंदबाजी बदलावों को साथ पढ़ना है। गेंदबाजी विश्लेषण साइट गेंदबाजी विश्लेषण पर भी यही सिद्धांत महत्वपूर्ण है, क्योंकि केवल चौकों या रन-रेट से पारी की वास्तविक स्थिति नहीं मापी जा सकती। उपलब्ध स्रोतों में मैच को 2026 के दूसरे मुकाबले के रूप में दर्शाया गया है, लेकिन पूरी तालिका सामने नहीं है; इसलिए नीचे दिए गए निष्कर्ष पुष्ट अंश और क्रिकेट के आधिकारिक नियमों पर आधारित हैं, अनुमान पर नहीं। ईएसपीएनक्रिकइन्फो का मैच विवरण और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के नियम अंतिम सत्यापन के लिए उपयोगी हैं। याद रखिए, अधूरा स्कोरकार्ड देखकर जीत-हार, अतिरिक्त रन या सभी गेंदबाजों के आंकड़े घोषित करना जोखिम भरा है।
अधिक विस्तृत स्कोर-रीडिंग और विकेट विश्लेषण देखना हो तो नीचे दिए संसाधन से शुरुआत करें।
भारत ए के युवा बल्लेबाजों का प्रदर्शन विश्लेषण
मिथक 1: 167/3 का अर्थ भारत ए पूरी तरह नियंत्रण में था — क्या यह सही है?
167/3 का अर्थ है कि भारत ए ने तीन विकेट खोकर 167 रन बनाए थे; यह मजबूत स्थिति हो सकती है, लेकिन अपने-आप में नियंत्रण या जीत का प्रमाण नहीं है। इसका मूल्यांकन ओवर संख्या, रन-रेट, पिच, साझेदारी और अफगानिस्तान ए के अगले गेंदबाजी विकल्पों के साथ करना होगा। उपलब्ध अंश में 22वें ओवर के बाद 167/3 दर्ज है, इसलिए रन-रेट लगभग 7.59 रन प्रति ओवर बनती है।
यह आंकड़ा उपयोगी है, लेकिन अधूरा है। यदि 167/3 ठीक 22 ओवर पूरे होने पर था, तो गणना 167 ÷ 22 से लगभग 7.59 होती है; यदि स्कोरबोर्ड का “22” चल रहे ओवर या घटना क्रम का संकेत था, तो यही गणना अंतिम नहीं मानी जानी चाहिए। यही वह छोटा तकनीकी अंतर है जिसे लापरवाह पाठक छोड़ देते हैं और फिर गलत रन-रेट प्रकाशित कर देते हैं। प्रभसिमरन सिंह के 84 रन भी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थे; वे उस समय भारत ए की पारी में सबसे महत्वपूर्ण बल्लेबाजी योगदानों में से एक दिखते हैं।
- स्कोर: 167/3
- दर्ज विकेट: तीसरा विकेट
- प्रमुख बल्लेबाज: प्रभसिमरन सिंह
- व्यक्तिगत स्कोर: 84 रन
- संदर्भित चरण: 22वां ओवर या 22 ओवर के आसपास
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के नियमों के अनुसार, ओवर की सही स्थिति और विकेट का आधिकारिक रिकॉर्ड स्कोरर की प्रविष्टि से तय होता है, केवल प्रसारण-पंक्ति से नहीं। इसलिए स्कोरकार्ड में ओवर, गेंद और विकेट क्रम तीनों मिलाना चाहिए। यह विशेष रूप से भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए जैसे विकासात्मक मुकाबले में जरूरी है, जहां टीम संयोजन और प्रयोगात्मक गेंदबाजी मैच का संतुलन तेजी से बदल सकते हैं।
मिथक 2: प्रभसिमरन सिंह का 84 रन पर आउट होना सिर्फ बल्लेबाज की गलती थी — क्या यह आधा सच है?
प्रभसिमरन सिंह का 84 रन पर आउट होना बल्लेबाज की गलती भर नहीं था; उपलब्ध विवरण में गेंद की ऑफ-स्पिन, मिडिल-स्टंप लाइन, पैडल-स्कूप और विकेटकीपर के कैच ने मिलकर विकेट बनाया। यह घटना बल्लेबाज के शॉट-चयन और गेंदबाज की योजना, दोनों का परिणाम थी। इसलिए इसे साझी रणनीतिक सफलता के रूप में पढ़ना अधिक सटीक है।
विवरण के अनुसार गेंद लेंथ पर थी और लेग साइड की ओर घूम रही थी। प्रभसिमरन के पैडल-स्कूप से फाइन लेग क्षेत्र में रन निकालने के प्रयास के दौरान गेंद का केवल हल्का किनारा लगा और विकेटकीपर ने कैच पकड़ लिया। विवरण में अपील और अंपायर के शीघ्र निर्णय का उल्लेख है। यहां महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि बल्लेबाज ने गेंद को पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया; साथ ही अफगानिस्तान ए के स्पिनर ने बल्लेबाज के पसंदीदा कोण को चुनौती देने के लिए गति और दिशा का इस्तेमाल किया। पैडल-स्कूप और स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजी तकनीक
इस विकेट से तीन व्यावहारिक निष्कर्ष निकलते हैं:
- 84 रन पर पहुंचा बल्लेबाज भी जोखिम-मुक्त नहीं होता।
- लेग-साइड की ओर घूमती ऑफ-स्पिन पर पैडल-स्कूप में दस्ताने, बल्ले का कोण और गेंद की ऊंचाई निर्णायक होते हैं।
- विकेटकीपर की स्थिति ऐसी गेंद पर बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि हल्का किनारा अक्सर सामान्य स्लिप क्षेत्र तक नहीं जाता।
गेंदबाजी विश्लेषण में इसे “सिर्फ खराब शॉट” कहना अधूरा होगा। सही प्रश्न यह है कि क्या गेंदबाज ने बल्लेबाज को पैडल खेलने के लिए मजबूर किया, क्या फील्ड में शॉर्ट फाइन लेग या लेग स्लिप मौजूद था, और क्या बल्लेबाज ने पिछली गेंदों से कोई पैटर्न पढ़ा था। उपलब्ध संदर्भ फील्ड की पुष्टि नहीं करता, इसलिए इन बिंदुओं को विश्लेषण के प्रश्न मानना चाहिए, तथ्य नहीं।
यहां स्कोरकार्ड की बारीकी समझने के लिए मैच-घटना और नियमों को एक साथ पढ़ना उपयोगी है।

मिथक 3: विकेटकीपर का कैच और अंपायर का निर्णय अपने-आप गलत या विवादास्पद था — क्या यह पूरी तरह गलत है?
उपलब्ध विवरण में विकेटकीपर द्वारा कैच पूरा करने और अंपायर द्वारा तुरंत आउट देने का उल्लेख है, लेकिन इससे निर्णय की तकनीकी शुद्धता पर अंतिम फैसला नहीं लगाया जा सकता। गेंद का हल्का किनारा, बल्ले और दस्ताने की स्थिति, कैच की निरंतरता तथा जमीन से संपर्क की पुष्टि के लिए वीडियो या आधिकारिक निर्णय लॉग चाहिए। इसलिए इसे स्वतः गलत कहना पूरी तरह अनुचित है।
क्रिकेट में कैच का मूल्यांकन कई चरणों में होता है। पहले देखा जाता है कि गेंद ने बल्ले या दस्ताने को छुआ या नहीं; फिर यह देखा जाता है कि फील्डर ने गेंद को जमीन से पहले नियंत्रित किया या नहीं। उपलब्ध पाठ के अनुसार, विकेटकीपर के दस्ताने से गेंद नहीं छूटी, कैच पूरा हुआ और अपील के बाद अंपायर ने उंगली उठाई। लेकिन डीआरएस उपलब्ध था या नहीं, तीसरे अंपायर ने समीक्षा की या नहीं, और गेंद जमीन से कितनी दूर थी, इसकी पुष्टि नहीं है।
“निर्णय की विश्वसनीयता के लिए स्पष्ट दृश्य प्रमाण और नियम-संगत प्रक्रिया आवश्यक है।” यह सिद्धांत एमसीसी के क्रिकेट नियम की भावना से मेल खाता है, हालांकि उपलब्ध अंश में किसी आधिकारिक संस्था का ऐसा शब्दशः बयान नहीं दिया गया है। इसलिए इस वाक्य को मैच का आधिकारिक उद्धरण नहीं समझना चाहिए। स्कोरकार्ड विश्लेषण में तथ्य, प्रसारण टिप्पणी और स्वतंत्र व्याख्या अलग-अलग रखना आवश्यक है।
एक उपयोगी जाँच सूची यह है:
- क्या विकेट के सामने आउट होने का प्रकार “कैच” दर्ज है?
- क्या बल्लेबाज का स्कोर 84 और टीम स्कोर 167/3 एक ही घटना से जुड़े हैं?
- क्या गेंद संख्या और ओवर क्रम आधिकारिक तालिका से मिलते हैं?
- क्या समीक्षा या तीसरे अंपायर का उल्लेख मौजूद है?
- क्या अतिरिक्त रन, नो-बॉल या वाइड ने टीम स्कोर बदला था?

इन प्रश्नों के बिना वायरल क्लिप या अकेली टिप्पणी पर निर्णय देना असावधान व्यवहार है। खासकर तब, जब संदर्भ में “ओह, क्या तरीका है” जैसी भावनात्मक टिप्पणी हो; ऐसी भाषा घटना का माहौल बताती है, आधिकारिक तकनीकी प्रमाण नहीं।
वास्तव में क्या काम करता है: भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए स्कोरकार्ड कैसे पढ़ें?
भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए स्कोरकार्ड को सही पढ़ने के लिए पहले पुष्ट संख्याएं अलग करें, फिर ओवर-स्थिति, विकेट क्रम और बल्लेबाजी साझेदारियों को जोड़ें। उपलब्ध पुष्ट अंश 167/3, 22वें चरण और प्रभसिमरन सिंह के 84 रन हैं; इसके आगे पूरी पारी का अनुमान नहीं लगाना चाहिए। यही प्रक्रिया गलत निष्कर्षों से बचाती है और मैच के वास्तविक दबाव को स्पष्ट करती है।
स्कोरकार्ड पढ़ने की व्यावहारिक पद्धति इस क्रम में अपनाएं:
- मैच पहचानें: 2026 का दूसरा भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए मुकाबला, प्रतियोगिता और तारीख आधिकारिक पृष्ठ से मिलाएं।
- टीम पंक्ति देखें: भारत ए की पारी, अफगानिस्तान ए की पारी, लक्ष्य और परिणाम अलग-अलग दर्ज करें।
- विकेट क्रम जांचें: 167/3 में तीसरा विकेट किस बल्लेबाज का था और उससे पहले दो विकेट कब गिरे।
- व्यक्तिगत योगदान मिलाएं: प्रभसिमरन सिंह के 84 रन के साथ गेंदों की संख्या, चौके और छक्के तभी लिखें जब आधिकारिक तालिका में उपलब्ध हों।
- गेंदबाजी संदर्भ जोड़ें: ऑफ-स्पिन, लेंथ, दिशा और कैच का प्रकार घटना-विश्लेषण में शामिल करें।
- रन-रेट सावधानी से निकालें: 167 को आधिकारिक पूरे ओवरों से विभाजित करें; केवल “22” देखकर गणना न करें।
यहां एक महत्वपूर्ण सूचना-लाभ है: 167/3 को 22 ओवर के बाद का स्कोर मानने पर रन-रेट लगभग 7.59 आती है, लेकिन यदि “22” गेंद संख्या, ओवर संख्या या घटना क्रम हो, तो निष्कर्ष बदल जाएगा। इसी तरह 84 रन के बाद गिरा विकेट टीम की साझेदारी को समाप्त करता है, मगर साझेदारी की अवधि या दूसरे बल्लेबाज का स्कोर उपलब्ध संदर्भ से तय नहीं किया जा सकता। डेटा-स्वच्छता का यह नियम किसी भी क्रिकेट विश्लेषण पर लागू होता है।
“स्कोरबोर्ड केवल परिणाम नहीं, घटनाओं का क्रम भी है।” इस विचार को विकिपीडिया के क्रिकेट स्कोरकार्ड संदर्भ से समझा जा सकता है, लेकिन मैच की अंतिम पुष्टि के लिए ईएसपीएनक्रिकइन्फो या संबंधित आधिकारिक प्रतियोगिता पृष्ठ को प्राथमिकता दें। क्रिकेट स्कोरकार्ड पढ़ने की उन्नत मार्गदर्शिका
भारत ए की पारी में प्रभसिमरन सिंह की भूमिका समझने के लिए ये संकेत देखें:
- क्या उन्होंने पावरप्ले के बाद रन गति बढ़ाई?
- क्या अफगानिस्तान ए ने स्पिन आक्रमण उसी समय बढ़ाया?
- क्या 84 रन के बाद मध्यक्रम पर दबाव आया?
- क्या विकेट गिरने के तुरंत बाद रन-रेट घटा या बढ़ा?
अब उपलब्ध आंकड़ों को जिम्मेदारी से व्यवस्थित कर लिया गया है; अगले चरण में उन दावों को अलग करना जरूरी है जिन्हें स्कोरकार्ड समर्थन नहीं देता।
क्या अनदेखा करना चाहिए: भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए मैच में कौन-से दावे जोखिमपूर्ण हैं?
भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए स्कोरकार्ड पर ऐसे दावों को अनदेखा करना चाहिए जिनके साथ ओवर, गेंद, आधिकारिक तालिका या विश्वसनीय स्रोत नहीं दिया गया हो। उपलब्ध सामग्री से भारत ए की जीत, अफगानिस्तान ए के अंतिम रन, सभी विकेट, अतिरिक्त रन और सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज की पुष्टि नहीं होती। भावनात्मक टिप्पणी, अधूरी तस्वीर और सोशल मीडिया शीर्षक को अंतिम परिणाम मानना सबसे बड़ी गलती है।
निम्न दावों से विशेष सावधानी रखें:
- “भारत ए ने निश्चित रूप से मैच जीत लिया।”
- “प्रभसिमरन सिंह ने शतक बनाया।”
- “अफगानिस्तान ए का स्पिनर चार विकेट ले चुका था।”
- “यह कैच विवादास्पद साबित हुआ।”
- “167/3 अंतिम स्कोर था।”
- “22वां ओवर पूरा हो चुका था।”
इनमें से किसी दावे को सही ठहराने के लिए आधिकारिक स्कोरकार्ड, प्रसारण लॉग या प्रतियोगिता आयोजक का रिकॉर्ड चाहिए। यही कारण है कि गेंदबाजी विश्लेषण जैसे क्रिकेट-केंद्रित मंच पर तथ्य और विश्लेषण अलग शीर्षकों में रखना बेहतर है। पाठक को 167/3 और 84 रन जैसे पुष्ट आंकड़े साफ मिलते हैं, जबकि अनुमानित साझेदारी, लक्ष्य या परिणाम को तथ्य की तरह पेश नहीं किया जाता।
एक और कम चर्चित जोखिम स्कोरिंग पद्धति है। कुछ पृष्ठ लाइव घटना को संक्षिप्त रूप में दिखाते हैं, जिसमें विकेट का स्कोर तो दिखाई देता है, लेकिन गेंद संख्या, बल्लेबाजों के रन और अतिरिक्त रन अलग पैनल में रहते हैं। यदि कोई व्यक्ति केवल घटना-पंक्ति पढ़े, तो वह 167/3 को पारी का अंतिम स्कोर समझ सकता है। इसलिए स्कोरकार्ड के “पारी सारांश”, “गेंद-दर-गेंद”, “बल्लेबाजी” और “गेंदबाजी” चारों भागों को मिलाना चाहिए।
अंतिम निष्कर्ष सीधा है: उपलब्ध रिकॉर्ड भारत ए की 167/3 स्थिति और प्रभसिमरन सिंह के 84 रन पर आउट होने को स्पष्ट करता है, लेकिन पूरी मैच कहानी नहीं। आधिकारिक पृष्ठ पर परिणाम और पूर्ण तालिका की पुष्टि किए बिना कोई सट्टा-संबंधी या वित्तीय निर्णय लेना बिल्कुल उचित नहीं है। जिम्मेदार खेल और जोखिम-जागरूकता मार्गदर्शिका
आगे की अपडेट और पुष्ट स्कोर जानकारी के लिए यह अंतिम संसाधन उपयोगी हो सकता है।
भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए स्कोरकार्ड: मुख्य निष्कर्ष
भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए के उपलब्ध 2026 मैच-अंश में 22वें चरण के आसपास भारत ए का स्कोर 167/3 और प्रभसिमरन सिंह का स्कोर 84 रन दर्ज है। उनका विकेट ऑफ-स्पिन, पैडल-स्कूप, हल्के किनारे और विकेटकीपर के कैच से जुड़ा था। यह घटना बल्लेबाजी जोखिम और अफगानिस्तान ए की गेंदबाजी योजना, दोनों को दिखाती है। हालांकि पूरी पारी और मैच परिणाम की पुष्टि उपलब्ध अंश से नहीं होती, इसलिए आधिकारिक स्कोरकार्ड देखे बिना कोई अंतिम दावा न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए स्कोरकार्ड में पुष्ट स्कोर क्या है?
उत्तर: उपलब्ध मैच-अंश में भारत ए का स्कोर 167/3 और प्रभसिमरन सिंह का व्यक्तिगत स्कोर 84 रन दर्ज है। यह स्थिति 2026 के दूसरे मुकाबले के संदर्भ में दिखाई गई है और विकेट 22वें चरण के आसपास गिरने का विवरण मिलता है। हालांकि पूरी पारी, लक्ष्य और अंतिम परिणाम उपलब्ध अंश से प्रमाणित नहीं हैं। इसलिए अंतिम तालिका के लिए ईएसपीएनक्रिकइन्फो या प्रतियोगिता के आधिकारिक पृष्ठ को मिलाना चाहिए।
प्रश्न: प्रभसिमरन सिंह 84 रन पर कैसे आउट हुए?
उत्तर: प्रभसिमरन सिंह ऑफ-स्पिन गेंद पर पैडल-स्कूप खेलने के प्रयास में विकेटकीपर के कैच से 84 रन पर आउट हुए। उपलब्ध विवरण के अनुसार गेंद मिडिल पर लेंथ में थी और लेग साइड की ओर घूम रही थी। बल्ले का हल्का किनारा लगा, विकेटकीपर ने कैच पकड़ा और अपील के बाद अंपायर ने आउट दिया। डीआरएस या तीसरे अंपायर की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
प्रश्न: 167/3 से भारत ए की जीत क्यों सिद्ध नहीं होती?
उत्तर: 167/3 केवल उस क्षण भारत ए की पारी की स्थिति बताता है, जीत नहीं। जीत तय करने के लिए अफगानिस्तान ए की पूरी पारी, लक्ष्य, ओवर सीमा और मैच परिणाम देखना आवश्यक है। यदि 167 रन 22 पूरे ओवर के बाद थे, तो रन-रेट लगभग 7.59 बनती है, लेकिन “22” की आधिकारिक व्याख्या जांचे बिना यह गणना अंतिम नहीं मानी जानी चाहिए।
प्रश्न: भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए स्कोरकार्ड कहां जांचें?
उत्तर: स्कोरकार्ड की पुष्टि ईएसपीएनक्रिकइन्फो, प्रतियोगिता आयोजक और उपलब्ध होने पर आधिकारिक क्रिकेट बोर्ड पृष्ठ पर करें। पहले मैच का नाम, 2026 का वर्ष, टीमों का क्रम और दूसरे मुकाबले का टैग मिलाएं। इसके बाद बल्लेबाजी, गेंदबाजी, विकेट-पतन और गेंद-दर-गेंद भागों को परस्पर जांचें। केवल सोशल मीडिया वीडियो या एकल घटना-पंक्ति पर निर्भर न रहें।
प्रश्न: इस मैच के स्कोरकार्ड में सबसे महत्वपूर्ण बल्लेबाजी संकेत कौन-सा है?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी में प्रभसिमरन सिंह के 84 रन भारत ए की पारी का सबसे स्पष्ट बल्लेबाजी संकेत हैं। यह योगदान 167/3 के टीम स्कोर के साथ पढ़ा जाना चाहिए, क्योंकि विकेट गिरने के समय टीम की स्थिति साझेदारी और रन गति पर निर्भर करती है। गेंदों की संख्या, चौके, छक्के और साझेदारी के आंकड़े आधिकारिक तालिका से ही जोड़ें। अनुमानित आंकड़ों को विश्लेषण में शामिल करना भ्रामक होगा।
प्रश्न: क्या इस स्कोरकार्ड से सट्टेबाजी या वित्तीय निर्णय लेना उचित है?
उत्तर: अधूरे स्कोरकार्ड से सट्टेबाजी या कोई वित्तीय निर्णय लेना उचित नहीं है। 167/3 और 84 रन जैसे आंकड़े उपलब्ध हैं, लेकिन अंतिम परिणाम, लक्ष्य, पिच स्थिति और सभी गेंदबाजी आंकड़े प्रमाणित नहीं हैं। पहले आधिकारिक स्कोरकार्ड, मैच स्थिति और नियमों की पुष्टि करें, फिर भी जोखिम और संभावित नुकसान को स्पष्ट रूप से समझें। क्रिकेट विश्लेषण को वित्तीय निश्चितता समझना गंभीर भूल है।
भारत ए बनाम अफगानिस्तान ए स्कोरकार्ड का सबसे सुरक्षित निष्कर्ष यही है कि उपलब्ध अंश एक महत्वपूर्ण मध्य-पारी स्थिति दिखाता है, पूरी मैच कहानी नहीं। पुष्ट आंकड़ों से शुरुआत करें, संदिग्ध दावों को अलग रखें और अंतिम निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत अवश्य मिलाएं।
ब्रीफिंग का अंत।
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